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इटीनरेंट और रिसॉर्स शिक्षकों का हुआ नवीनीकरण

Badaun

Updated Sun, 05 Aug 2012 12:00 PM IST
बदायूं। आखिरकार मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों को पढ़ाने वाले इटीनरेंट और रिसॉर्स शिक्षकों का नवीनीकरण हो गया। यह शिक्षक हर दिन बीएसए कार्यालय और विकास भवन के चक्कर काट रहे थे। विशेष बच्चे भी स्कूल आते थे और लौट जाते थे। शिक्षकों और बच्चों की समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए।
विदित हो कि पिछले वर्षों में प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों के लिए इटीनरेंट शिक्षकों का चयन किया गया था। हर साल इनका नवीनीकरण किया जाना था, लेकिन जुलाई माह बीतने के बाद भी नहीं किया गया। शिक्षक हर दिन बीएसए कार्यालय और विकास भवन के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे थे। वहीं परिषदीय विद्यालयों में मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही थी। कई बच्चों का तो प्रवेश अभिभावक इसलिए नहीं करा पाए कि उन्हें संभालने वाले शिक्षक स्कूलों में नहीं पहुंचे थे।
इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अधिकारी सकते में आए। आखिर में डीएम के हस्ताक्षर होते ही शिक्षकों का रिन्युअल हो गया। इससे शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विशेष शिक्षक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों से कहा है कि वह स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ाएं ताकि सर्व शिक्षा अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके। अपने कार्य में कोताही न बरतें।


प्री इंटीग्रेशन कैंप संचालन की फाइल अटकी
मूकबधिर और दृष्टिहीन बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश कराने से पहले प्री इंटीग्रेशन कैंप में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वहां परेशानी का सामना न करना पड़े और आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सकें, लेकिन यह कैंप अभी तक संचालित नहीं हो सके। इसके संचालन को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई फाइल पर उच्चाधिकारियों ने हस्ताक्षर नहीं किए। इस कैंप का संचालन पिछले साल 15 जुलाई को हो गया था, इस बार अगस्त माह शुरू हो गया है। मालूम हो कि दो कैंप जिले में खुलने हैं। हर कैंप में 60-60 बच्चों का प्रवेश किया जाता है। यह आवासीय प्रशिक्षण दस माह तक चलता है। बच्चों को खाना-पीना आदि निशुल्क दिया जाता है। हालांकि महकमे के अधिकारियों का कहना है कि इसकी प्रक्रिया चल रही है।
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