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अपात्रों को बांट दिए, पात्रों को मिले नहीं

Badaun

Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
बदायूं। महामाया आवास योजना में पात्र होते हुए भी मकान भले ही आवंटित न हो सके हों, लेकिन इस योजना में 20 मृतकों व अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए। मामले का खुलासा हुआ तो जिला विकास विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में इन लाभार्थियों से आवास की रकम वापस ले ली गई है। इधर, यह योजना अब खत्म कर दी गई हो लेकिन अभी भी बड़ी तादाद में आवास अधूरे पड़े हैं। अधूरे आवासों की फेहरिस्त तैयार करने के लिए नए सिरे से सत्यापन शुरू करा दिया गया है, जिससे अफरा-तफरी मच गई है।
सूबे के पूर्व शासन में अनुसूचित जाति व जनजाति के गरीब परिवारों को आवास देने के लिए महामाया आवास योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2011-12 में जिले में 1886 आवासों को बनाने का लक्ष्य जिला विकास विभाग को दिया गया था। इन आवासों को पाने से भले ही बड़ी तादाद में पात्र लाभार्थी वंचित रह गए हो लेकिन जिले में 20 मृतक और अपात्र लाभार्थियों को ये आवास आवंटित करने का मामला सामने आया है। खुद विभाग ने यह गलती मानी है और ऐसे लाभार्थियों से रकम वापस भी मंगवा ली है। हालांकि विभाग इन लाभार्थियों के नाम उजागर करने से बच रहा है लेकिन इससे यह तो जाहिर हो ही रहा है कि इन आवासों को आवंटित करने में पात्रता को ताक पर रखा गया है। मामले की बड़े स्तर पर जांच कराई जाए तो बड़ी तादाद में अपात्रों के नाम सामने आ सकते हैं। इतना ही नहीं यह योजना भले ही मार्च में समाप्त हो चुकी हो लेकिन भी बड़ी संख्या में आवास अधूरे पड़े हैं, जबकि विभाग सभी को धनराशि जारी कर चुका है। अधूरे आवासों की सूची तैयार करने के लिए जिला विकास विभाग ने नए सिरे से सत्यापन शुरू कर दिया है, जिससे अफरा-तफरी मच गई है।

टूट गए हजारों लाभार्थियों के सपने
इंदिरा आवास की तरह महामाया आवास के लिए प्रशासन ने सर्वे कराकर अनुसूचित जाति व जनजाति के लाभार्थियों की सूची तैयार की थी। इस बीच हाल ही में सूबे का निजाम बदलते ही इस योजना को खत्म कर दिया गया और आवास सूची में शामिल हजारों लाभार्थियों की उम्मीद पर पानी फिर गया। इस योजना में शामिल हुए लोगों को आवास बनाने के लिए 45 हजार रुपये का अनुदान देने की व्यवस्था थी।

अधूरे आवासों को जल्द ही पूरा करा लिया जाएगा, इसके लिए सत्यापन शुरू करा दिया गया है। इसमें अधूरे मिलने वाले आवासों को चिन्हित किया जाएगा।
प्रदीप कुमार सोम, जिला विकास अधिकारी
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