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सिर्फ तीन ऑकेजनल बार लाइसेंस ही बने

Badaun

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
आबकारी विभाग की सुस्ती से लाखों का चूना
बदायूं। जिले में इस साल में अब तक सैकड़ों समारोह निपट चुके हैं। कुछेक को छोड़कर अधिकतर शादी या पार्टियों में ब्रांडेड शराब की जमकर खपत भी हुई लेकिन आबकारी विभाग से केवल तीन लोगों ने ऑकेजनल बार लाइसेंस लिया। कई समारोहों में खुलेआम शराब के बार बने लेकिन विभाग की टीम ने कहीं भी न तो छापामारी की और न ही किसी के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई की गई। इस शिथिलता का खामियाजा सरकार को लाखों रुपये प्रतिवर्ष घाटा उठाकर भुगतना पड़ रहा है।
शहर में डेढ़ दर्जन मैरिज लॉन हैं। सहालग के अलावा इन लॉन में बड़ी पार्टियों का आयोजन होता रहता है। समारोह हो और जाम न छलकें तो बात नहीं बनती। इसलिए किसी न किसी बहाने अधिकतर समारोहों में शराब की खपत होती रहती है। खासकर बारातों में लोग खुलेआम शराब के नशे में धुत होकर सड़क पर बैंडबाजों की धुन पर थिरकते नजर आते हैं लेकिन आबकारी महकमे ने अपने काम का दायरा केवल कच्ची शराब की धरपकड़ तक ही सीमित कर लिया है। किसी समारोह में विभाग की टीम छापामारी नहीं करती, ऐसे में किसी के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हो पाती।
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ये रही लाइसेंस की प्रक्रिया
ऑकेजनल बार लाइसेंस लेने के लिए किसी भी व्यक्ति को आबकारी विभाग में आवेदन करना होता है। इसके बाद विभाग के लिपिक तीन हजार रुपये का चालान भरवाते हैं। संबंधित आबकारी निरीक्षक बार बनाने की स्थान का निरीक्षण करके सत्यापन की रिपोर्ट देते हैं। बाद में फाइल डीएम के यहां भेजी जाती है। वहां से इसकी आज्ञा मिलती है।
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ढाबे भी बनते हैं मयखाने
शाम होते ही शहर के हाइवे से सटे ढाबे मयखानों में तब्दील हो जाते हैं। ढाबों पर खुलेआम शराब पी जाती है। कभी-कभार पुलिस इन ढाबों की चेकिंग करके शौकीनों को पकड़ भी लेती है। यह दीगर बात है कि बाद में पुलिस और शौकीनों के आपसी समझौते के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है।
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वर्जन------
संभ्रांत लोग लाइसेंस लेते हैं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो चोरी-छिपे एकाध बोतल खरीदकर पी लेते हैं, ऐसे में इन लोगों को कार्रवाई के दायरे में नहीं लाया जाता। हालांकि किसी समारोह में खुलेआम शराब पिये जाने की सूचना पर छापेमारी की जाती है। बेंकट हॉल एवं होटल मालिकों को भी नोटिस दिया जा चुका है। क्योंकि समारोह में खुलेआम शराब पिए जाने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित बेंकट हॉल मालिक की भी होती है। इसके अलावा यही नियम ढाबों पर भी लागू होता है। पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना दोनों किए जाएंगे।
-एके राय, आबकारी अधिकारी
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