आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

डिग्री बीएएमएस और इलाज कर रहे एलोपैथी में

Badaun

Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिले में दौ से अधिक बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) डॉक्टर ऐसे हैं जो एलोपैथी (आधुनिक औषधि) में इलाज कर रहे हैं। इस बात को स्वास्थ्य महकमा भी स्वीकार कर रहा है। जिसके कारण जन सामान्य को अत्यधिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट ने जिले में अनाधिकृत रुप से बिना योग्यता के चिकित्सकीय कार्य करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलते ही स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है और ऐसे चिकित्सकों की सूची तैयार कर रहा है। उसके बाद डीएम, एसपी और सीएमओ संयुक्त रुप से टीम का गठन कर क्लीनिकों पर छापामार अभियान चलवाएंगे। 13 जुलाई तक झोलाछाप डॉक्टरों के नाम शासन को भेजे जाने हैं।
किस क्षेत्र में कितने हैं चिकित्सकों के पंजीकरण
बदायूं शहर में 40 एमबीबीएस, 91 बीएएमएस और 29 अन्य डिग्री धारी चिकित्सकों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा बिल्सी में तीन एमबीबीएस, 16 बीएएमएस, अन्य दस, बिसौली में तीन एमबीबीएस, 24 बीएएमएस, अन्य 16, इस्लामनगर में बीएएमएस 14, अन्य आठ, सहसवान में एमबीबीएस तीन, बीएएमएस 30, अन्य 24, गुन्नौर में एमबीबीएस तीन, बीएएमएस 12, अन्य 19, दातागंज में एमबीबीएस दो, बीएएमएस दस, अन्य तीन, वजीरगंज में बीएएमएस 13, अन्य दस, जुनावई में बीएएमएस तीन, कादरचौक में एमबीबीएस एक, बीएएमएस एक, अन्य डिग्री धारी दो चिकित्सकों के पंजीकरण हैं। रजपुरा, जगत, उसावां, आसफपुर, दहगवां, समरेर, बिनावर आदि इलाकों में भी बीएएमएस चिकित्सकों ने पंजीकरण विभाग से करवाए हैं।
सरकारी अस्पतालों में भी तैनात है बीएएमएस
सरकारी अस्पतालों में तैनात बीएएमएस भी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। जिले में 30 चिकित्सक तैनात हैं। इसमें कुछ हाईकोर्ट से स्टे लेकर नौकरी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकारी अस्पतालों में फिजीशियन का काम बीएएमएस कर रहे हैं। यही निजी चिकित्सकों पर कार्रवाई में बाधा बनेंगे।
इंसेट----
भ्रूण हत्या में सहयोग करने पर क्लीनिक होगा सील
प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल ने भेजे आदेश में कहा है कि अपंजीकृत अयोग्य चिकित्सक तथा अनधिकृत रुप से होम्योपैथिक, यूनानी, आयुर्वेदिक, सिद्धा, तीब्बी योग्यता धारक चिकित्सक द्वारा यदि एलोपैथी या आधुनिक दवाओं का प्रयोग हुए पाया जाए तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। यदि कोई झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक या नर्सिंग होम चला रहे हैं तो उसे सील करने की कार्रवाई की जाए तथा डायग्नोस्टिक सेंटर जिनके द्वारा गर्भ की जांच कराकर भ्रूण हत्या में सहयोग किया जा रहा है तो उनके विरुद्ध अभियोजन तथा मशीन एवं क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की जाए।

छापामार अभियान के लिए चिकित्सकों की टीम बना दी गई है। एक-दो दिन से यह अभियान शुरु हो जाएगा। क्लीनिकों पर यदि कोई बीएएमएस या अन्य डिग्री धारी बिना योग्यता के इलाज करता मिलता है तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।-डॉ. सुखबीर सिंह, सीएमओ
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

bams degree

स्पॉटलाइट

परिवार है बड़ा तो ये कारें है बेहतरीन विकल्प

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

NIFT-2017: एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

अपने स्मार्टफोन में ऐसे करें एंड्रॉयड नूगट 7.0 अपडेट 

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

सरकारी नौकरी में इंजीनियर्स के लिए बम्पर भर्तियां, यहां करें आवेदन

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

कार्पेट पर लगे दागों को इन आसान तरीकों से करें साफ

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top