आपका शहर Close

आटे में मिलाई जा रही चावल की कनकी

Badaun

Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। आटे में बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही है। चावल की कनकी के मिलाए जाने से आटे का रंग और सफेद हो जाता है, जो देखने में अच्छा लगता है। इसकी आसानी से जांच भी संभव नहीं है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। विभाग का कहना है कि जिस चीज की मिलावट की जाती है वह भी अन्न है। उससे नुकसान नहीं है। जबकि चिकित्सकों का कहना है कि आटे में मिलाए जा रही चावल की कनकी से पेट खराब होता है। इसके अलावा पेट संबंधी रोग जन्म ले लेते हैं।
अभी तक दूध, पनीर, घी, मसाले में मिलावट हो रही थी, अब आटा भी इसी क्रम में शामिल हो गया। इसमें चावल की कनकी मिलाई जाती है। कटे हुए चावल जो दलिया के रुप में होता है उसे गेहूं के साथ पीस दिया जाता है। इससे आटे की सफेदी बढ़ जाती है। वह आकर्षक भी लगता है। अधिकांश पैक होने वाले आटे में यही हो रहा है। जानकार बताते हैं कि चावल के दलिया की कीमत सात से आठ रुपये प्रति किलो है। जबकि बाजार में खुला आटा 15 से 17 रुपये किलो तक बिक रहा है। इस मिलावट के खेल में दुकानदारों को अधिक मुनाफा हो रहा है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि आटे में चावल की कनकी मिली होने से पेट संबंधी बीमारी जन्म ले सकती हैं। पहली बार व्यक्ति प्रयोग करता है उसे पेट दर्द, उल्टी-दस्त हो सकते हैं। चावल भी अन्न है, लेेकिन उसके मिलाने से आटे की क्वालिटी प्रभावित हो जाती है। उन्होंने बताया कि कनकी के मिलाने से आटा अधिक सफेद हो जाता है। जिसकी पहचान नहीं हो पाती।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहीत अधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि आटे में किसी चीज की मिलावट नहीं होती है। यदि चावल की कनकी मिली है तो उससे नुकसान नहीं होता। वह भी अन्न है। इसकी जांच रिपोर्ट में भी फ्लोर ही मिला आता है। विभाग वैसे आटे के नमूने लेता है।

अधिक दिन से रखे आटे में पड़ जाते हैं कीड़े
स्टोर या दुकान में कई महीने से आटा यदि रखा हो तो उसमें कीड़े पड़ जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यदि उसको प्रयोग में लाया जाए तो उससे पेट दर्द आदि हो सकता है। यह कीड़े छोटे होते हैं इसलिए दिखाई भी नहीं देते। जानकार बताते हैं कि यह समस्या अधिकांश पैकिंग के आटे में होती है।

खाद्य विभाग भी इस मिलावट के खेल में खेल कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ का कोई नमूना फेल आता भी है तो उसको दबा दिया जाता है। आटे में भी यही हो रहा है। विभाग नमूने तो लेकर कोरम पूरा कर लेता है, लेकिन कार्रवाई नहीं करता। इसलिए मिलावट का खेल जिले में बदस्तूर जारी है।
Comments

Browse By Tags

rice flour

स्पॉटलाइट

19 की उम्र में 27 साल बड़े डायरेक्टर से की थी शादी, जानें क्या है सलमान और हेलन के रिश्ते की सच

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफलः इन 5 राशि वालों के बिजनेस पर पड़ेगा असर

  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

ऐसे करेंगे भाईजान आपका 'स्वैग से स्वागत' तो धड़कनें बढ़ना तय है, देखें वीडियो

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान के शो 'Bigg Boss' का असली चेहरा आया सामने, घर में रहते हैं पर दिखते नहीं

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

आखिर क्यों पश्चिम दिशा की तरफ अदा की जाती है नमाज

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!