आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

करोड़ों खर्च, नहीं मिला फायदा

Badaun

Updated Mon, 28 May 2012 12:00 PM IST
गेहूं क्रय केंद्रों पर बदहाली से तंग होकर लुटते रहे किसान
बदायूं। जिस गेहूं खरीद पॉलिसी पर सरकार हर साल करोड़ों खर्च करती है, उसका फायदा बड़ी तादाद में किसानों को नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्रों पर बदइंतजामी और गेहूं खरीद में लगे कुछ कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच कमीशनबाजी का नतीजा रहता है कि गेहूं सेंटर पर पहुंचने वाले किसान इतना परेशान हो जाते हैं कि उन्हें मजबूरन आढ़तियों के हाथों लुटना कबूल करना पड़ रहा है।
हर साल सरकार गेहूं खरीद पॉलिसी तैयार करती है और किसानों को गेहूं का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाता है। जिले में एक लाख 43 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। प्रति क्विंटल का भुगतान 1285 रुपये निर्धारित है। इस हिसाब से गेहूं खरीद पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च करेगी। जबकि इस पॉलिसी को लेकर चिंताजनक बात यह है कि सरकार के गेहूं खरीद पर पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद किसानों को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ज्यादातर केंद्र प्रभारियों और व्यापारियों के बीच सांठगांठ से किसानों से गेहूं खरीद होती है, सिर्फ कागजों पर और काश्तकारों के नाम पर इंट्री दर्ज कर व्यापारियों से गेहूं लेकर बड़े पैमाने पर कमीशनबाजी का खेल खेला जाता है। उधर, किसानों को जानबूझकर परेशान करने के मकसद से क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाएं होती हैं। गेहूं बिक्री के लिए कड़ी मशक्कत के बावजूद थकहार कर किसान आखिरकार व्यापारियों के हाथों गेहूं बिक्री करने का पूरी तरह मजबूर हो जाता है। ऐसे में गेहूं खरीद पॉलिसी पर करोड़ों खर्च के बाद भी किसानों की आर्थिक हालत में सुधार नहीं हो पाता।
0000
सिर्फ 50 फीसदी खरीद
इस मर्तबा एक बार फिर जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य धूल चाटने को तैयार है। हालत यह है कि एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद अभी तक करीब 50 फीसदी ही लक्ष्य को पूरा कर सकी है। जबकि गेहूं खरीद का समय लगभग पूरा हो चुका है। मंडियों में गेहूं की आवक भी बेहद कम हो चुकी है। ऐसे में यह तो साफ है कि प्रशासन इस बार फिर भी गेहूं खरीद की दौड़ में कोसों पीछे रह जाएगा।
00000
क्या कहते हैं गेहूं काश्तकार
‘नहीं मिला मेहनत का फल’
सदर तहसील के गांव नरऊ के महावीर सिंह को इस बार सरकारी क्रय केंद्र नहीं बल्कि मंडी में आढ़त पर गेहूं बेचना पड़ा। बताया कि सेंटर उस वक्त खुले नहीं। फिर चेक का भुगतान देर से मिलने की आशंका रही, इसलिए गेहूं को सस्ते में ही बेच दिया।
----------------
‘प्रशासन रहा उदासीन’
उझानी के मोहल्ला गद्दीटोला के निवासी गंगासिंह शाक्य ने बताया कि गेहूं क्रय केंद्रों पर तोल कराने में किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे में किसानों को कई दिन तक क्रय केंद्र पर डेरा डालना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी।
---------------
‘कई एजेंसियों ने नहीं खोले सेंटर’
उझानी अहीरटोला मोहल्ला निवासी भागमल यादव का कहना है कि पिछले मंडी परिसर में चार एजेंसियों के गेहूं क्रय केंद्र खुले थे। इस बार आरएफसी और एसएफसी ने ही सेंटर खोले हैं। क्रय केंद्रों की कमी से किसानों को मजबूरन आढ़तियों के पास पहुंचकर कम रेट में गेहूं की बिक्री करनी पड़ी।
-------------
‘खाता न होने से नहीं बिका गेह्रूं
सहसवान के सादीपुर निवासी सीताराम ने बताया कि उनका बैंक में खाता नहीं था। इसलिए जब वह केंद्र पर गेहूं बेचने गया तो उसका गेहूं खरीदने से इंकार कर दिया गया। विवश होकर उसे आढ़ती के हाथ बेचना पड़ा।
----------------
‘मायूस होकर लौट आया’
सहसवान के ही गांव दहवलपुर निवासी नौसे अली ने बताया कि जब वह गेहूं बेचने सरकारी केंद्र पर पहुंचा तो उसे कई औपचाकिताएं बता दी गईं। आखिरकार वह मायूस होकर लौट आया।
0000
वर्जन-----------
गेहूं खरीद को लेकर जहां कहीं भी गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, वहां कार्रवाई की जाती है। प्रशासन अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है।
-जयंत कुमार दीक्षित, एडीएम वित्त
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

दुनिया पर राज करने वाले मुकेश अंबानी आज तक अपने इस डर को नहीं जीत पाए

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

एक्टर बनने से पहले स्पोर्ट्समैन थे 'सीआईडी' के दया, कमाई जान रह जाएंगे हैरान

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

अपने हाथों से ये राशि वाले इस सप्ताह बर्बाद करेंगे अपना प्रेमी जीवन

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

चावल के उबले पानी के हैं बड़े फायदे, पढ़ने के बाद कभी नहीं फेंकेंगे

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

मॉडल की दुनिया की इन परियों को देखकर आप भी कहेंगे...'स्टाइल में रहने का'

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!