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बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं है 35 करोड़ का हिसाब

Badaun

Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
सुशील कुमार
बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग के पास पिछले साल सर्वशिक्षा अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं पर खर्च हुए 35 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं है। अब शासन से ऑडिट टीम आने की सूचना से महकमे के अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। आनन-फानन में उपभोग प्रमाण पत्र जुटाए जा रहे हैं। ग्राम शिक्षा समिति खंड विकास अधिकारियों को ये प्रमाण पत्र देंगी।
यूनीफार्म पर खर्च हुए छह करोड़
जिले भर में प्राइमरी-उच्च प्राइमरी स्कूलों की संख्या लगभग तीन हजार है। बालिकाओं के अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों को यूनीफार्म वितरित की गई थी। करीब 1.50 लाख बच्चों को इसका लाभ मिला। इस पर छह करोड़ रुपये व्यय हुए थे। यह रकम ग्राम शिक्षा समितियों को भेजी गई थी। वहीं से उपभोग प्रमाण पत्र आने थे, लेकिन भेजे नहीं गए। बताया जाता है कि इसमें खेल हो रहा है।
बैग वितरण के लिए मिले थे ढाई करोड़
हर साल की भांति पिछले साल भी बच्चों को बैग वितरित किए गए थे। एक बच्चे के बैग पर 90 रुपये खर्च होने थे। इसका लाभ 2.50 लाख बच्चों को दिया गया। इस तरह इन पर ढाई करोड़ रुपये व्यय हुए थे। यह रकम भी ग्राम शिक्षा समितियों में भेजी गई थी।
विद्यालय विकास अनुदान भी पानी में
विद्यालय विकास अनुदान के तहत प्राइमरी स्कूल को पांच और जूनियर हाईस्कूल को सात हजार रुपये हर साल दिए जाते हैं। इस रकम से विद्यालय में जरूरत के सामान जैसे बाल्टी, लोटा, गिलास, दरी, कुर्सियां आदि खरीदे जाते हैं। इस योजना के तहत भी लगभग चार करोड़ रुपये भेजे गए थे।
टीचर लर्निंग मैटीरियल नहीं खरीदा गया
टीचर लर्निंग मैटीरियल के तहत शिक्षकों को हर साल 500 रुपये दिए जाते हैं। जिले में शिक्षकों की संख्या लगभग छह हजार है। इसके अलावा राजकीय इंटर कालेज के शिक्षकों को यह रकम भेजी गई। इस रकम से शिक्षकों को चार्ट, मॉडल आदि सामग्री खरीदनी थी। सूत्र बताते हैं कि कुछ ही जगह यह सामान खरीदा गया।
ये योजना भी शामिल हैं अभियान में
इन योजनाओं के अलावा अनुरक्षण अनुदान, शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूलों का निर्माण आदि योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये मंजूर हुए और ग्राम शिक्षा समितियों में भेजे गए, पर इनका भी उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। इस प्रमाण पत्र में यह दर्शाना था कि किस मद में कितनी रकम खर्च हुई। उसके बिल-बाउचर आदि लगते हैं।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत योजनाओं पर खर्च हुई रकम के उपभोग प्रमाण पत्र खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगे गए हैं। वह ग्राम शिक्षा समितियों से इकट्ठा करेंगे। शीघ्र ही जमा कर लिए जाएंगे। विभाग के पास समितियों में भेजी गई रकम का लेखाजोखा है। -मंजुलता, प्रभारी बीएसए
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