आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कन्या भ्रूण हत्या मामले में नोडल अधिकारी हटाए गए

Badaun

Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। कन्या भ्रूण हत्या के सनसनीखेज मामले में शहर के एक नर्सिंग होेम के तीन डाक्टरों के खिलाफ मुकदमे की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद रविवार को ही सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने इसके लिए जिम्मेदार नोडल अधिकारी डॉ. आरके शर्मा को इस काम से हटा दिया है। सीएमओ ने कहा है कि वह इस मामले की जांच कराएंगे। सोमवार से जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापामार कार्रवाई होगी। इसके लिए अलग से टीम बनाई जा रही है।
विदित हो कि शहर के गुप्ता नर्सिंग होम तथा मैटरनिटी होम की संचालक डॉ. सुनीति गुप्ता, डॉ. सुरेश चंद्र गुप्ता और डॉ. रितुज चंद्रा कन्या भ्रूण हत्या के मामले में फंस गए हैं। इनके खिलाफ सीजेएम की अदालत में वाद दायर कर लिया गया है। वादी गजेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने मय सुबूत कोर्ट को अभिलेख सौंपे थे। इस बारे में सीएमओ का कहना है कि मुझे फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली, लेकिन इस मामले का जिस तरह पर्दाफाश हुआ है इससे जाहिर है कि लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या बड़े पैमाने पर हो रही है। इसी आधार पर सघन छापामार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए जिम्मेदार नोडल अधिकारी डॉ. आरके शर्मा से यह काम वापस ले लिया गया है।


आज होंगे एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह के बयान
कन्या भ्रूण हत्या में वादी एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह के बयान सात गई को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में पूर्वाह्न 11 बजे होंगे। यह बयान धारा 200 सीआरपीसी के तहत होंगे। उन्होंने बताया कि अगली तिथि में धारा 202 सीआरपीसी के तहत बयान होंगे और तीसरी सुनवाई में आरोपी चिकित्सकों को अदालत से तलब किया जाएगा।

बिना रेडियोलोजिस्ट चल रहे हैं अल्ट्रासांउड केंद्र
जिले में चल रहे नर्सिंगहोम की संख्या लगभग 60 है। इसमें से अधिकांश में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। जानकारों के अनुसार अल्ट्रासाउंड की सुविधा वहीं दी जा सकती है जहां रेडियोलोजिस्ट हो। वह भी डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त किया हुआ हो, लेकिन शहर के गिने-चुने नर्सिंग होम में ही प्रशिक्षित रेडियोलोजिस्ट हैं। बाकी पर कार्रवाई महकमा नहीं करता। यही कारण है कि वे धड़ल्ले से अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं।


...यही हाल रहा तो शादी के लिए नहीं मिलेंगी लड़कियां
कन्या भ्रूण हत्या के बारे में क्या कहते हैं बुद्धीजीवी--

बदायूं। आधी दुनिया यानी महिलाएं ही समाज में संतुलन बनाती हैं, लेकिन कन्या भ्रूण को पेट में ही मारने के आपराधिक षडयंत्र से इस संतुलन को बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने कन्या भ्रूण को बचाने के लिए सख्त आदेश दिए और केंद्र सरकार ने इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया। इसके बावजूद यहां पेट की तमाम बीमारियों के बहाने निजी अस्पतालों या जांच केंद्रों में अल्ट्रासांउड के जरिये लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण मारने का सिलसिला कायम है। अधिवक्ता गजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा कोर्ट में दी गई अर्जी के तहत दर्ज हुए मुकदमे के बाद समाज में एक बार फिर हलचल मची है। शहर के बुद्धिजीवियों ने कहा कि यदि कन्या भ्रूण हत्या नहीं रुकी तो आगामी दशकों में शादी के लिए लड़कियां मिलनी मुश्किल हो जाएंगी।

कन्याओं को बचाना होगा

एसके इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेश्वर सिंह का कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। कन्याओं को बचाने के लिए सभी को मुहिम छेड़नी होगी। तभी इनका बचाव संभव है।

शादी के लिए तरसेंगे लोग

राजाराम महिला कालेज की प्रधानाचार्य सुषमा कथूरिया का कहना है कि कन्या भ्रूण हत्या होती रही तो एक दिन लड़कियों की कमी हो जाएगी। लोग शादी के लिए तरसेंगे। इन्हें बचाना होगा।

महकमा कराए कानून का पालन

समाजसेवी अशोक खुराना का कहना है कि स्वास्थ्य महकमे को इस कानून का पालन कराना होगा। अल्ट्रासाउंड करने वाले लोगों में भय होगा तो वह गर्भ में लिंग की जांच नहीं करेंगे।

महिलाओं का अनुपात गिर जाएगा

गिंदोदेवी महिला कालेज की शिक्षक उमा गौड़ का कहना है कि कन्याओं की हत्या होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं का अनुपात गिर जाएगा। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

समाज को बदलनी होगी मानसिकता

डॉ. वीके शर्मा का कहना है कि गर्भ में पल रहे शिशु की जांच नहीं करानी चाहिए। समाज को भी अपनी मानसिकता बदलनी होगी। लड़का-लड़की एक समान माने जाने चाहिए।

कानून को और सख्त बनाया जाए

दास कालेज के रीडर शिवराज सिंह का कहना है कि कानून को और सख्त करना होगा, ताकि लोग भ्रूण हत्या करने से कतराएं। इस कानून के दायरे में वे लोग भी लाए जाएं जो भ्रूण की जांच करा रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

foeticide nodal officer

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top